रक्स करना है तो फिर पाँव की ज़ंजीर न देख
बहुत अच्छे!
मां को लेकर एक ही तरह की भावुकता भरी कविताओं (जो मां के बारे में अपने मतलब का सब कुछ जानती हैं)से अलग गंभीर कविता।
Bhavpurn kavita.
माँ शब्द दिल को छू लेता है, माँ की डायरी मे पडा था कि पूत कपूत तो क्यो धन संचय,पूत सपूत तो क्यॊ धन संचय
प्यारे दोस्तो, बुजुर्ग कह गए हैं कि हमेशा ग़ुस्से और आक्रोश में भरे रहना सेहत के लिए ठीक नहीं होता। इसीलिए आज पेश कर रहा हूं अपनी एक रोमांटि...
बहुत अच्छे!
जवाब देंहटाएंमां को लेकर एक ही तरह की भावुकता भरी कविताओं (जो मां के बारे में अपने मतलब का सब कुछ जानती हैं)से अलग गंभीर कविता।
जवाब देंहटाएंBhavpurn kavita.
जवाब देंहटाएंमाँ शब्द दिल को छू लेता है, माँ की डायरी मे पडा था कि पूत कपूत तो क्यो धन संचय,पूत सपूत तो क्यॊ धन संचय
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