आज शाम एक कविता हुई है. कम्प्यूटर काम करता तो बहुत पहले आप ये कविता पढ़ चुके होते. बहरहाल कविता ये है-
हा हाहाहा हाहाः हाहाः
हा हाहाहा हाहाः हाहाः हा हाहाहा हाहाः हाहाः हा हाहाहा हाहाः हाहाः ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं hahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaahhhhhhhhhhhhhhhaaaaaahaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa!!!!!!!!!!!! हा हाहाहा हाहाः हाहाः ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं.............. for 5 years.
शनिवार, १६ मई २००९
चुनाव बाद एक कविता हुई है सुनियेगा
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7 comments:
हमारी तरफ़ से भी हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
सचमुच बहुत अच्छी कविता है. ऐसे समय में इससे अच्छी कविता नहीं लिखी जा सकती. ऊऊऊऊऊऊऊं.....................
gajb ki charcha maharaaj ji . ha ha ha ha ha ha ha ha ha hi hi ho ho aha
ये तो पोडकास्ट होनी चाहिए थी।
हा हा......हां, जिन्होंने चुनाव के बाद यह कविता पढ़ी होगी, उन्हें ज़रूर याद आ रही होगी, वैसे, जब तक यह धनतंत्र है, तब याद रहेगी ही....
हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं
ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं
ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं ऊं
Why not for 10years, may be more long.
Very good
भई अब आगे की भी तो सुनाइये..
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