कल मैंने जो लिखा था उस पर ड्रामा और हंगामा आज (06/05/2009) देखा? एमजे अकबर जैसा सीनियर जर्नलिस्ट मेरी बात का हेडलाइंस टुडे में समर्थन कर रहा है. सीएनएनआईबीएन में राजदीप सरदेसाई ने यही कहा. प्रभु चावला जी ने यही कहा. सुधीन्द्र कुलकर्णी को तो आलोचना करना ही थी. लेकिन यह नायाब मौका किसने दिया?
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने सफाई दी, करूणानिधि के पास गुलाम नबी आजाद को जाना पड़ा. सोनिया गांधी की रैली तमिलनाडु में रद्द कर दी गयी. राहुल गांधी की असमय प्रेस कांफ्रेंस ने क्या-क्या नहीं करवा दिया. चुनाव परिणाम आने के बाद राहुल की यही बातें एक परिपक्व राजनीतिज्ञ की सूझ मालूम होतीं. लेकिन चमचों का क्या कीजियेगा!
इस कार्यक्रम में यहाँ तक कहा गया कि राहुल गांधी कांग्रेस के भीतर अपनी अलग कांग्रेस चला रहे हैं. वीरप्पा मोइली प्रेस कांफ्रेंस में राहुल बाबा की बगल में बैठे सञ्चालन कर रहे थे. उन्होंने हेडलाइंस टुडे के एंकर को सैडिस्ट कहा, पूरी बहस को बकवास और पक्षपाती बताया तथा आगबबूला होते रहे. अब आगे-आगे देखिए होता है क्या.
मुझे खुशी है कि सबसे पहले मैंने 'कबाड़खाना' और 'आजाद लब' में इन सारी बातों को स्पष्ट तौर पर लिखा है.लेकिन कृपया इसका यह मतलब न निकाला जाए कि कोई मेरी पोस्ट पढ़कर अपनी राय कायम करता है. इसका मुझे कोई मुगालता नहीं है और न रहेगा.
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This is a humourous article. भाई साहब, और बहनजियो! ब्लॉग blog लिखना अपन के लिए बवाल-ए-जान बन गया है। बल्कि सच कहूं तो बवाल-ए-जेब बन गया है....
कोई साफ बात पंसद नहीं करता....हंगामा तो होना ही था...
जवाब देंहटाएंआप को बधाई!
जवाब देंहटाएंऔर यदि हम कहें कि राहुल बाबा वाकई "नन्हे-मुन्ने बाबा" हैं जिन्हें जबरिया इस देश की जनता पर लादा जा रहा है, तो हम साम्प्रदायिक कहलायेंगे… फ़िर भी हम कहते रहेंगे कि "बियांका" और "रॉल माइनो" से तो हमारे ज़मीनी नेता शिवराज ही भले…
जवाब देंहटाएंchoos rahe hain angutha...
जवाब देंहटाएंआपने सच लिखा और आपमें भविष्य को देखने परखने का हुनर है...तभी जो आप लिखते हैं वोही होता है...
जवाब देंहटाएंमुझे आप से रश्क है क्यूँ की आपने रियाज़ साहेब के साथ बहुत सा वक्त गुज़ारा है...जो इंसान रात रात भर ऐसे दिलचस्प शख्स के साथ रहे वो तो किस्मत वाला ही होगा...इसमें मुझे कोई संदेह नहीं...आपकी दोस्ती की सलामती दुआ करता हूँ...
नीरज
आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद!
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