1.
विकास किस चिड़िया का नाम है
क्या उस चिड़िया का जिसका पेड़ काट डाला गया
विकास के नाम पर
या उस चिड़िया का
जिससे प्यार करता था विकास
चाहिए,
हमें विकास अवश्य चाहिए
लेकिन प्यार के लिए.
2.
मैंने विकास को घड़े में भर लिया
सोचा शाम को इससे रोटियां बनाऊंगा
पर बैरी वहाँ से नदारद था
अगले दिन बाँध लिया गमछे में
सोचा रात में इसकी चादर बुनूंगा
पर जुल्मी वहाँ भी नहीं था
फिर रख आया संदूक में
सोचा इससे घर रफू करूंगा
पर यह वहाँ से भी काफूर हो गया.
अब सोचता हूँ कि
विकास हमारी दुनिया से बाहर की कोई शै है.
3.
मैं अच्छी तरह पहचानता हूँ विकास को
वह हमारे खेतों में पहरा देता था 'पूस की रात' में
गिल्ली-डंडा, कबड्डी का आला खिलाड़ी
तब इतना दुबला-पतला नहीं था.
उसकी बहनों को भी पहचानता हूँ
उनके नाम थे- प्रगति, समृद्धि, खुशी
जबसे शहर गयीं हैं ब्याहकर, लोग कहते हैं-
'दुःख और गरीबी हमारे विकास की तरह दिखते हैं'.
-विजयशंकर चतुर्वेदी
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This is a humourous article. भाई साहब, और बहनजियो! ब्लॉग blog लिखना अपन के लिए बवाल-ए-जान बन गया है। बल्कि सच कहूं तो बवाल-ए-जेब बन गया है....
बहुत बढिया विजय. घायल कर दिया.
जवाब देंहटाएंप्रणव